Saturday, August 2, 2008


चलो आओ नृत्य करें
रात्री के गीत के लिए
अपनी देहों के साथ
गुथे हुए
- साहिल

1 comment:

Anonymous said...

तुम्हारा यह पुरकशिश अंदाज़ क़ाबिलेतारीफ है